by Spritual@we | Aug 1, 2026 | बिना श्रेणी
उत्तर :- माला फेरत जुग भया, फिरा न मन का फेर । कर का मनका डारि दे, मन का मनका फेर ।। मानसिक जाप स्मरण उनकी लीलाओं का ध्यान, उनके रूप का ध्यान, अंतःकरण में लगातार उनकी स्मृति बने रहने से श्रेष्ठ न कोई साधन था, न है और न ही बनेगा । भगवान के यहाँ इंद्रियों की साधना या...
by Spritual@we | Jul 31, 2024 | मन के बारे में
मन को यह आभास एकमात्र अज्ञान के कारण होता है । गलत ज्ञान होना ,यही समस्त दुखों का कारण है । कुमति कीन्हि सब विश्व दुःखारी । एकमात्र गलत मति के कारण , अज्ञान के कारण यह सम्पूर्ण चराचर दुःखी है । हमने या हमारे मन ने जिस में सुख दुख माना होता है , वही हमें सुख और दुख...
by Spritual@we | Jan 27, 2024 | माला फेरत जुग भया
माला फेरत जुग भया, फिरा न मन का फेर ।कर का मनका डारि दे, मन का मनका फेर ।। मानसिक जाप स्मरण, उनकी लीलाओं का ध्यान, उनके रूप का ध्यान, अंतःकरण में लगातार उनकी स्मृति बने रहने से श्रेष्ठ न कोई साधन था, न है और न ही बनेगा ।भगवान के यहाँ इंद्रियों की साधना या आवागमन का...
by Spritual@we | Oct 30, 2023 | प्रारब्ध, मन के बारे में
सिर दर्द हो, थकान हो, शरीर से लेकर मन में शिथिलता हो, मन बहुत ही व्यग्र हो, आपको शांति चाहिए हो, तब एक काम कीजियेगा । अपने आस-पास कोई पुराना वृक्ष ढूँढिये । पीपल, आम, बरगद, नीम या कोई भी । पीपल या बरगद हो तो और भी अच्छा । लेकिन यह ध्यान रखिएगा कि पुराना हो । पुराना न...
by Spritual@we | Oct 30, 2023 | अध्यात्म के बारे में, पर्यावरण एवं अध्यात्म
प्रायः पेड़-पौधों की प्रजाति को लोग वनस्पति समझ लेते हैं जो कि ग़लत है । वनस्पति का अर्थ होता है, वन का राजा या वन का पति । वनस्पति सभी पेड़-पौधों को नहीं कहा जाता है । वनस्पति विज्ञान के नाम से आधुनिक लेखकों ने सभी पेड़ पौधों को एक ही वर्ग में डाल दिया है जो कि बिल्कुल...